OSI मॉडल क्या है? इसके प्रकार, इतिहास, उपयोग (Detailed Information) (2021)

हेलो दोस्तों, यदि आपको कंप्यूटर नेटवर्किंग को अच्छे से समझना है तो आपको नेटवर्क के what is OSI model in hindi का ज्ञान होना अति आवश्यक है|

OSI model एक 7 layer model होती है जिसके सभी layers का एक specific कार्य होता है, यह layer एक दुसरे के साथ मिलकर नेटवर्क में data एक स्थान से दुसरे स्थान पर transfer करती है|

आइए जाने what is osi model in hindi? osi मॉडल क्या है? इसके प्रकार, कार्य प्रणाली, इतिहास और osi layer के लाभ, हानि इसकी जानकारी आज हम इस लेख से प्राप्त करेगे|

What is OSI Model in Hindi?

what is osi reference model in hindi

Open system interconnection (OSI) का full form है यह एक Reference model है जिसे International Organization for Standardization (ISO) ने 1984 बनाया था जो एक communication system है जो protocol द्वारा communicate होता है|

आसान शब्दों में OSI Model दो अलग systems को आपस में जोड़ने का एक standard प्रदान करती है यह बताती है कि network में data किस प्रकार से send received होगी|

osi model in hindi को हम कंप्यूटर नेटवर्किंग की Universal Language भी कह सकते हैं|

यह 7 Layers में बांटी गयी है, इसलिए OSI Model को 7 Layer Model भी कहा जाता है |

इस इस model को इस प्रकार याद रख सकते हैं|

7.Application Layer – Aaj
6.Presentation Layer – Phir
5.Session Layer- Se
4.Transport Layer – Tumne
3.Network Layer – Nahi
2.Datalink Layer – Dekha
1.Physical Layer – Pyare

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इन सभी layers का अपना एक कार्य होता है और अपने ऊपर या नीचे के लेयर से यह communicate करते हैं, किन्तु यह parallel नहीं होते हैं|

7 Layers of OSI Model in Hindi

  • upper layers

यह layer, application issues पर कार्य करती है, यह ज्यादातर software के लिए लागू होता है और application layer यूजर से बहुत ही close होते है|

यूजर और एप्लीकेशन लेयर दोनों ही software applications के साथ interact करते हैं|

  • lower layer

osi reference model in hindi के lower layer डाटा ट्रान्सफर में होने वाले issue पर कार्य करती है, यह software और हार्डवेयर दोनों के लिए लागू होती है|

physical layer, OSI model की सबसे lower layer है. physical layer का कार्य physical medium (Twisted paired cable, coexacle cable) में information किस प्रकार से भेजी जाएगी इसके लिए responsible होता है|

OSI Layer महत्त्वपूर्ण क्यों है?

आजकल वर्तमान समय में OSI Model को follow नहीं किया जाता है किन्तु OSI model नेटवर्क में आने वाली समस्या के समाधान के लिए उचित रहता है|

यदि किसी यूजर के laptop पर इन्टरनेट नहीं चल रहा है तो वह OSI मॉडल की सहायता से problem को कुछ भागों में बाँट सकता है और समस्या के source की जानकारी प्राप्त सकता है|

यदि समस्या को किसी एक layer के आधार पर लाकर खड़ा कर दिया जाए तो ऐसी स्थिति में, problem को solve करना आसान हो जाता है|

History of OSI Layer in Hindi

1.Networking method develop करने के लिए ISO ने 1970 में एक कार्यक्रम चलाया |

2.वर्ष 1973 में UK के experimental packet switched system ने higher level protocol की आवश्यकता को परिभाषित किया |

3.वर्ष 1983 में OSI model को actual interface के लिए model करने की बात की गयी थी और वर्ष 1984 में ISO द्वारा OSI layer in hindi को OSI reference model in hindi के रूप में स्वीकार किया गया |

OSI Model के 7 Layers कौन से हैं? (OSI model layers explanation)

OSI layer किसी Pillar की तरह नीचे से ऊपर की और दर्शाए जाते है यहाँ सबसे ऊपर आने वाला application layer, 7th layer होता है और physical layer 1st layer होता है|

जिस क्रम में OSI model दर्शाए जाते हैं हम उसी क्रम में इसकी चर्चा करेगे|

7.Application Layer in hindi

application layer in hindi

Application layer यूजर से directly connected होता है, web browser और email client जैसे software communication के लिए application layer का उपयोग करते हैं|

software application, application layer के अंतर्गत नहीं आते हैं बल्कि application layer, protocol और data manipulation के लिए जिम्मेदार होते हैं जो software यूजर को meaningful data प्रदान करने के लिए उपयोग करते हैं|

application layer के अंतर्गत HTTP और SMTP protocol आते हैं जो email communication करने में सहायता प्रदान करता है|

Functions of Application Layer in Hindi

  1. application layer द्वारा यूजर remotly कंप्यूटर पर log in कर सकता है|
  2. यह layer बहुत से email सेवाए प्रदान करती है|
  3. data transfer और receive करना application layer के माध्यम से पूर्ण होता है, यह access management प्रदान करती है|
  4. application layer नेटवर्क में communication devices को identify करने में सहायता प्रदान करती है, resource उपलब्ध कराती है और communication को synchronized करने में सहायता प्रदान करती है|

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Topology क्या है? इसके प्रकार.

6.Presentation Layer in Hindi

presentation layer in hindi

Presentation layer ऐसे data को create करने के लिए जिम्मेदार है जो application layer की सहायता करती है, प्रेजेंटेशन लेयर data को translate, encrypt और compress करने के लिए महत्वपूर्ण होती है |

दो डिवाइस आपस में communication के लिए दो different language का उपयोग कर सकते हैं ऐसे में presentation layer प्राप्त हो रहे data को ऐसी भाषा में translate करती है जो application layer द्वारा understand किया जा सकता है|

Function of Presentation Layer in Hindi

  1. यदि 2 डिवाइस आपस में communicate कर रहे हैं तो उस कनेक्शन को encrypted रखने का कार्य presentation layer का होता है|
  2. sender द्वारा भेजे जा रहे और receiver द्वारा प्राप्त किये जा रहे data को encrypt और decrypt कर application layer तक पहुचाने का कार्य भी presentation layer का होता है|
  3. presentation layer, डाटा को compress करने के लिए भी responsible होता है, यह received किये गए data को compressed कर application layer पर send करती  है, जिससे communication की speed और efficiency बनी रहती है और data transfer की size को कम करने में सहायता होती है|

5.Session Layer in hindi

session layer in hindi

2 devices के बीच के communication को प्रारंभ और समाप्त करने के लिए इस layer का उपयोग होता है|

एक communication के प्रारंभ तथा अंत के बीच के समय को session कहते हैं|

session layer का कार्य, नेटवर्क में हो रहे data transfer और exchange जब तक पूर्ण न हो तब तक session को open रखना होता है|

session layer checkpoints पर कार्य करता है और यह synchronized data transfer को सपोर्ट करता है|

उदाहरण के लिए यदि आप 100mb का data ट्रान्सफर कर रहे हैं और session layer ने 10 mb का checkpoint बना रखा है तो यदि 60 mb के बाद connection close हो जाए तो आप last checkpoint से उसे resume कर सकते हैं, अर्थात 40mb डाटा आपको और डाउनलोड करना होगा ना कि पूरी फाइल को फिर से डाउनलोड करना होगा|

4.Transport Layer in Hindi

what is osi model in hindi

transport layer दो डिवाइस के बीच end to end communication प्रदान करता है, यह session layer से data लेकर उसे छोटे parts में बदल देता है जिसे segment कहते हैं |

transport layer, डाटा को सरलता से और बिना किसी error के transmit करने के लिए उपयोग होता है, यह data की ट्रांसमिशन की speed को बनाए रखता है कहने का अर्थ यह है कि भेजे जा रहे data और connection की speed को match करता है जिससे की यूजर का data connection, slow न हो|

transport layer यूजर द्वारा प्राप्त किये गए data के error को control करता है और यदि data का ट्रांसमिशन सहीं तरीके से न हो तो वह data retransmit करता है|

function of transport layer in hindi

  1. session layer द्वारा प्राप्त किये गए message को segment में बदलने और उन्हें sequence में रखने का कार्य transport layer करती है|
  2. massage बिना किसी error प्राप्त हो सके इसकी resposibility transport layer की होती है|
  3. transport layer  मैसेज (data, information) अपने स्थान (destination) पर सही से पहुच सके यह निश्चित करता है|

3.Network Layer in Hindi

what is osi model in hindi

दो अलग अलग नेटवर्क (different) पर data transfer के लिए network layer का उपयोग किया जाता है, यदि दो same network पर devices होते हैं तो उसके लिए network layer की आवश्यकता नहीं होती है|

नेटवर्क लेयर, transport layer द्वारा बनाए गए segment को और छोटे unit में बदल देता है, उसे packets कहा जाता है|

नेटवर्क लेयर, data के लिए best physical path ढूंढती है जिसे routing कहा जाता है, packets को route करने के लिए नेटवर्क लेयर, internet protocol address का उपयोग करते हैं|

Function of Network Layer in Hindi

  1. routing process द्वारा network layer, बेस्ट रूट पाथ का चयन करती है जिससे information, source से destination तक बड़ी आसानी से भेजी जा सके.
  2. नेटवर्क में जुड़े सभी devices को identify करने के लिए नेटवर्क लेयर ip address का उपयोग करती है, जिससे सभी devices के बीच अंतर का ज्ञान हो सके.

2.Data Link Layer in Hindi

what is osi model in hindi

data link layer, नेटवर्क लेयर की तरह ही होता है, अंतर बस इतना है कि यह same network पर जुड़े devices के बीच data transfer को सपोर्ट करती है|

data link layer, नेटवर्क लेयर द्वारा बनाए गए packets को frames में बदल देते हैं, नेटवर्क लेयर की तरह data link layer भी flow control और error control के लिए reponsible होते हैं|

इस layer के दो भाग होते हैं-

  • Logical Link Control (LLC)

नेटवर्क में destination सिस्टम के network layer तक data packets को पहुचाने का कार्य करती है|

  • Media Access Control (MAC)

यह बताती है कि नेटवर्क में devices किस माध्यम से और किस प्रकार से नेटवर्क को acess करेंगे जिससे data transfer किया जा सके.

यह physical layer और logical link control को आपस में जोड़ती है|

Function of Data Link Layer in Hindi

  1. packets को frames में बदलने का कार्य करती है|
  2. sender और receiver को लॉजिकल एड्रेस (ip) प्रदान करती है|
  3. header frame में source और destination machine के physical address को add करनी की अनुमति प्रदान करती है|
  4. error control द्वारा lost frames को पुनः retransmit करने का कार्य करती है|
  5. data link layer एक दुसरे से जुड़े नेटवर्क पर data transmit करने की अनुमति प्रदान करता है|

1. Physical Layer in OSI Model in Hindi

what is osi model in hindi

physical layer दो नेटवर्क nodes के बीच physical cable या wireless connection बनाने के लिए responsible होते हैं|

Physical layer, OSI Model की सबसे lower layer है|

इस layer में data transfer में उपयोग आने वाले physical medium जैसे switches और cables आते हैं, इस layer में data bits के रूप में convert होते हैं, जैसे 0 और 1.

यह 0 और 1 bit forms, data link layer को भेजे जाते हैं जो इसे frames के रूप में संगठित करती है|

Functions of Physical Layer in Hindi

1. Physical layer, transmission rate को control करते हैं अर्थात एक सेकंड में कितने bit transfer होंगे यह physical layer ही निर्धारित करती है|

2. दो नेटवर्क में आपस में जुड़े डिवाइस के मध्य किस प्रकार data flow होगी यह physical layer ही निर्धारित करती है, जैसे ट्रांसमिशन मोड का simplex, half-duplex या full-duplex होना |

3. नेटवर्क में devices/nodes किस प्रक्रार से physically एक दुसरे से जुड़े रहेगे यह physical layer निर्धारित करती है जैसे bus, star या mesh topology.

Advantages of OSI Model in Hindi

  • कौन से हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर नेटवर्क बनाने के लिए उपयोग किये जायेगे इसकी जानकारी प्रदान करता है|
  • समस्या का समाधान करने, कौन सा layer error के लिए responsible है यह पता लगाना आसान हो जाता है|
  • ऐसे डिवाइस और सॉफ्टवेयर जो एक दुसरे से communicate कर सके बनाना आसान हो जाता है|
  • कौन सी डिवाइस किस नेटवर्क पर कार्य करता है यह OSI Model की सहायता से आसानी से जाना जा सकता है|
  • यह connection-oriented और connection-less दोनों सेवाओ (services) को सपोर्ट करता है|

Disadvantages of OSI Model in Hindi

  • यह एक reference model है, इसे ध्यान में रख कर application बनाए जाते हैं ऐसा आवश्यक नहीं है|
  • किसी विशेष protocol का यह part नहीं है|
  • बहुत से layer एक ही प्रकार के services प्रदान करते है उदारहरण के लिए flow control और error control कई layer द्वारा प्रदान किया जाता है|
  • OSI model बहुत ही complex है इसे implement करना कठिन कार्य होता है|
  • नए प्रोटोकॉल को इस model में फिट करना कठिन कार्य है क्योंकि यह model इन नए protocol के आने से पहले बनाए गए थे|
  • OSI model के layer आपस में parallel कार्य नहीं कर सकते हैं, इन्हें data प्राप्त करने के लिए अपने predecessor layer के लिए wait करना पड़ता है|

निष्कर्ष

आज हमने जाना osi layer क्या है? (what is osi model in hindi) osi layer के प्रकार (types of osi layer in hindi) उनके कार्य, osi model की आवश्यकता और osi model का इतिहास.

जैसा की हमने जाना osi model क्या है? (what is osi model in hindi) osi reference model in hindi है जो हमें नेटवर्क के concept को समझने में हमारी सहायता करती है, osi layer हमें बताती है कि software या hardware, नेटवर्क communication में किस प्रकार से कार्य करते हैं|

OSI layer नेटवर्क में data transfer, error flow को control करती है|

वर्तमान समय में हम OSI layer के स्थान पर TCP/IP Model का उपयोग करते हैं, किन्तु ओएसआई लेयर reference के रूप में उपयोग की जाती है|

कमेंट में हमें बताए आपको यह जानकारी कैसी लगी, दुसरो तक इसे share करें और बताएं भविष्य में आप किस टॉपिक पर लेख चाहते हैं|

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